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ऐ मेरे वतन के लोगों - हिंदी कविता

ऐ मेरे वतन के लोगो! तुम खूब लगा लो नारा! ये शुभदिन है हम सबका लहरा लो तिरंगा प्यारा पर मत भूलो सीमा पर ! वीरों ने है प्राण गँवाए...
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हिंदी कविता धरे रहो धीरज

धरे रहो धीरज, साहस मत छोड़ो, होगी जय निश्चय ही। फट जायेगा सघन अंधेरा, कहीं कुछ भी न होगा भय ही, होगी जय निश्चय ही। देखों, उधर पू...
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पृथ्वीराज रासो

*पृथ्वीराज रासो:- * रचनाकार - चन्दबरदाई रचनाकाल 1225 से 1249 वि.सं. काव्य स्वरूप - महाकाव्य नोट : नरोत्तम स्वामी के अनुसार यह मु...
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हिंदी साहित्य-हिंदी कहानी का विकास ( प्रेमचन्दोतर युग:कहानी )

प्रेमचन्दोतर युग: प्रेमचन्द के बाद के युग के कहानीकार पश्चिम के दो चिन्तको, का्ल माक्क्स तथा फ्राइड से विशेष रूप से प्रभावित हुए...
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प्रेमचंद युग

ब) प्रेमंद युग: मुंशी प्रेमचंद आरम्म में उर्दू में कहानियाँ लिखते थे, जिनमे राष्ट्रीय भावना का उन्मेष रहता था। 'सोजे वतन' (सन १९०७ म...
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हिंदी साहित्य-हिंदी कहानी का विकास ( प्रेमचंद पूर्व कहानी)

  प्रेमचन्द पूर्व कहानी - हिन्दी में सर्वप्रथम कहानी लाने का श्रेय ' सरस्ती' मासिक पत्रिका को ही है। इसमें सबसे पहले कि...
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एक शराबी की आत्मकथा

शराबी की आत्मकथा हाँ, में शराबी हूँ। मैंने अपनी इस करतूत से परिवार तथा अपनी इज्जत धूल में मिला दी है। कभी में शराब को पिता था, आज वह मुझे पी...
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एक भिखारी की आत्मकथा

भिखारी की आत्मकथा मैं इस शहर में जो सैंकड़ों भिखारी हैं, उनमें से एक हूँ। दांता से दया की याचना क उनकी नफरत की बातें सहना, भीख न मिली तो आसु...
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रक्षाबंधन का त्योहार पर निबंध

रक्षाबंधन का त्योहार पतवर्ष त्योहारों और पर्वों का देश है। इस देश के हर राज्य में विभिन्न धर्मों के लोग अनेक उत्सव मनाते हैं। हर...
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दीपावली पर हिंदी निबंध

दीपावती का वर्ष भारतवर्ष में विभिन्न अवसरों पर जीवन को सुखी, सम्पन्न, प्रसन्न करने वाले त्योहारों का धूमधाम से सामाजिक, धार्मिक ...
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